
मां न रूठे, पत्नी न छूटे
मां और पत्नी के साथ रिश्तों में संवाद, सम्मान और संतुलन की व्यावहारिक किताब।
51 pages · 5 भाग · 40 विषय
इस किताब के बारे में →आपसी बातचीत और परिवार में संतुलन पर दो हिंदी किताबें। रोज़मर्रा की स्थितियाँ, सोचने के सवाल और छोटे अभ्यास।
ये डिजिटल ई-बुक्स हैं। भुगतान की पुष्टि के बाद पढ़ना शुरू करें।
हर असहमति का एक जैसा कारण नहीं होता। एक खास स्थिति को समझना और अपनी जरूरत साफ़ कहना बातचीत की शुरुआत हो सकती है।
एक बातचीत में सामने वाले की बात पूरी सुनें। फिर पूछें: “इस बात में आपके लिए सबसे ज़रूरी क्या है?”
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मां और पत्नी के साथ रिश्तों में संवाद, सम्मान और संतुलन की व्यावहारिक किताब।
51 pages · 5 भाग · 40 विषय
इस किताब के बारे में →
रिश्तों में तकरार और गलतफहमियों को कम करने, सही संवाद और सम्मान की व्यावहारिक किताब।
51 pages · 5 भाग · 40 विषय
इस किताब के बारे में →इसी सीरीज़ में आगे प्रकाशित होने वाली किताबें भी series library में जुड़ेंगी। अभी उपलब्ध किताबें ऊपर दी गई हैं।
हर नमूने में शुरुआत, एक भाग की opening, पहले दो विषय और एक छोटा अभ्यास है।
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पूरी सीरीज़ पाएं - ₹29₹29 पूरी सीरीज़ का एक बार का भुगतान है। अभी ऊपर दी गई दोनों किताबें शामिल हैं।
हाँ। इसी सीरीज़ में भविष्य में प्रकाशित किताबें series library में जुड़ेंगी। कोई अगली किताब या प्रकाशन तारीख अभी घोषित नहीं है।
हाँ, ऊपर दोनों किताबों के मुफ्त samples हैं। खरीदारी से पहले उन्हें पढ़ें।
नहीं। ये सामान्य बातचीत और स्वयं से विचार करने की किताबें हैं। ये थेरेपी, चिकित्सा या कानूनी सलाह का विकल्प नहीं हैं। डर, धमकी या हिंसा में सुरक्षा और योग्य सहायता को प्राथमिकता दें।
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